Beautiful Hamd Kalam 2026 | Tu Hi Malik E Bahro Bar Hai Ya Allah Ya Allah | Rizwan Alghausi

इसे शेयर करें:
WhatsApp Facebook

ارے بھائی!

اگر آپ ہزاروں کتابیں، نعتیں، تصاویر، ویڈیوز، اخبار، مضامین، قبلہ نما، اوقات نماز، اسلامک گھڑی اور بہت کچھ آسانی کے ساتھ حاصل کرنا چاہتے ہیں تو بس ہمارے Islamic Tube ایپ کو پلے سٹور سے انسٹال کرو، اور بالکل مفت اور آسانی کے ساتھ اسلامک مواد حاصل کرو

ڈاؤن لوڈ کریں

Naats

99 का नियम:

99 का नियम:

एक राजा ने अपने मंत्री से कहा, "एक बात समझ नहीं आती कि मेरे पास दुनिया जहान की हर सुख-सुविधा का सामान है, लेकिन फिर भी दिल खुश नहीं रहता। वहीं मेरे खादिम (सेवक) के पास कुछ नहीं है, न धन-दौलत, न महल और न ऐशो-आराम, मगर वह हर समय खुश और संतुष्ट रहता है।" मंत्री ने कहा, "उस पर 99 का नियम लागू करके देखिए।" "99 के नियम का क्या मतलब है?" राजा ने पूछा। मंत्री ने कहा, "रात को एक थैली में 99 दीनार डालकर उसके दरवाज़े पर लटका दें, लेकिन उस पर लिख दें कि 'यह 100 दीनार मेरी तरफ से तुम्हारे लिए उपहार है'। दरवाज़े पर आवाज़ देकर वापस आ जाएं, फिर अगले दिन देखिए कि क्या होता है।" अतः राजा ने ऐसा ही किया। सेवक बाहर निकला, खुशी-खुशी थैली उठाई और जल्दी-जल्दी गिनने लगा। पता चला कि एक दीनार कम है। उसने दोबारा गिना, मगर फिर भी 99 ही निकले। अब वह दरवाज़े के आस-पास ढूँढने लगा कि शायद कहीं गिर गया हो, मगर कुछ न मिला। थोड़ी देर बाद उसकी पत्नी और बच्चे भी आ गए और तलाश में लग गए। इस तरह पूरी रात उन्होंने उस एक दीनार की खोज में बिता दी। सुबह वह काम पर आया, लेकिन चेहरा उतरा हुआ और परेशान था। नींद न होने के कारण स्वभाव में थकान और भारीपन था, और उसकी पारंपरिक खुशी गायब थी। यह देखकर राजा को 99 के नियम का रहस्य समझ आ गया। वह यह कि हम अल्लाह तआला की दी हुई 99 नेमतों (वरदानों) को भूल जाते हैं और उस एक गायब (मफ़क़ूद) नेमत को पाने के पीछे पड़ जाते हैं। वही हर समय हमारी सोच और फिक्र का केंद्र बन जाती है और उसी के लिए सारी भाग-दौड़ और मेहनत होती है। इसी वजह से अनगिनत नेमतें होने के बावजूद हम परेशान रहते हैं और हर हाल में अल्लाह का शुक्र अदा नहीं करते, जो कि खुश रहने की असली चाबी (मास्टर की) है। ___________📝📝📝___________ मनकूल (साभार) चयन: इस्लामिक ट्यूब प्रो ऐप